गोकुल में देखो वृन्दावन मे देखो Gokul mein dekho Vrindavan
यह भजन भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का एक मनमोहक चित्रण है, जो गोकुल और वृन्दावन की दिव्यता को जीवंत करता है। ‘गोकुल में देखो वृन्दावन’ नामक यह भजन राधा-कृष्ण के रासलीला का वर्णन करता है, जहाँ श्याम की मुरली की धुन पर राधा रानी छम-छम नाचती हैं। गोपियाँ, ग्वाले और गायें कृष्ण की छवि पर बलिहारी जाती हैं, जबकि पवन और मेघ भी उनकी संगति में सजते हैं। भजन में यमुना तट पर रास रचाने का दृश्य, शिवजी के गोपेश्वर रूप में शामिल होने का उल्लेख और कृष्ण की कजरारी आँखों व ठुमकते नृत्य का वर्णन है। यह भक्ति रस से ओतप्रोत है, जो श्रोता को वृन्दावन की मधुरता में डुबो देता है। भजन की भाषा सरल व लयबद्ध है, जो पारंपरिक लोक शैली में रची गई है। यह कृष्ण भक्ति के प्रेम, नृत्य और संगीत के माध्यम से जगत के पालनहार की महिमा गाता है। ऐसे भजन सुनने से मन शांत होता है और भक्ति भाव जागृत होता है। (शब्द संख्या: १५२)
गोकुल में देखो वृन्दावन मे देखो Gokul mein dekho Vrindavan
गोकुल में देखो वृन्दावन
गोकुल में देखो वृन्दावन मे देखो,
मुरली बाजै रे श्याम संग राधा नाचै रे
छम छम नाचै राधा रानी सुनके मीठी मुरलिया
श्याम छबि पै सब बलिहारी गोपी ग्वाल और गईया
सरर सरर बोलै पवन पुरबईया मेघा साजै रे ॥ श्याम संग…….
बंशी बट पे यमुना तट पे कान्हा रास रचाये
गोपी बनकर शंकर आये गोपेश्वर कहलाये
डमण्ड डमण्ड डमरू बाजे कान्हा की मुरली पर जग सारा नाचै रे॥ श्याम संग…..
चद्रकिरण सौ श्याम सलौना दोउ आँखे कजरारी
ठुमक ठुमक नाचै गोपिन के संग जग का पालनहारी
श्याम बिहारी संग राधा सकुमारी सी संग बिराजै रे ॥श्याम संग…….
गोकुल में देखो वृन्दावन मे देखो Gokul mein dekho Vrindavan
Gokul mein dekho Vrindavan
Gokul mein dekho Vrindavan mein dekho,
Murli baaje re Shyaam sang Radha naache re
Chham chham naache Radha Raani sunkhe meethi murliya
Shyaam chhabi pe sab balihaari Gopi Gwaal aur Gaiya
Sarar sarar bole pawan purbaiya megha saaje re ॥ Shyaam sang…….
Banshi bat pe Yamuna tat pe Kaanha raas rachaye
Gopi ban kar Shankar aaye Gopeshwar kahlayaaye
Dhamand dhamand dhamru baaje Kaanha ki murli par jag saara naache re॥ Shyaam sang…..
Chandrakiran sau Shyaam salona dou aankhe kajraari
Thumak thumak naache Gopin ke sang jag ka palanhari
Shyaam Bihari sang Radha sakumaari si sang biraajai re ॥Shyaam sang…….





