asan shuddhi viniyoga mantra आसन पवित्रीकरण: विनियोग एवं मंत्र
(आसन को शुद्ध एवं पवित्र करने की विधि)
1. विनियोग (अंगों का न्यास एवं अभिधान) asan shuddhi viniyoga mantra
प्रत्येक मंत्र के जप या अनुष्ठान से पूर्व उसके ऋषि, छंद, देवता और प्रयोजन का उच्चारण करना विनियोग कहलाता है। इस मंत्र का विनियोग निम्नलिखित है:
ॐ पृथ्वीति मन्त्रस्य मेरुपृष्ठ ऋषिः, सुतलं छन्दः, कूर्मो देवता, आसन पवित्रकरणे विनियोगः।
2. आसन पवित्रीकरण मंत्र asan shuddhi viniyoga mantra
आसन पर बैठने से पूर्व, आसन को स्पर्श करते हुए निम्न मंत्र का उच्चारण किया जाता है। यह मंत्र धरती माता से आसन को पवित्र करने और स्थिरता प्रदान करने की प्रार्थना है:
ॐ पृथ्वि त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता ।
त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम् ॥

3. भावार्थ एवं विवरण asan shuddhi viniyoga mantra
| अंश | व्याख्या |
|---|---|
| मंत्र का ऋषि | मेरुपृष्ठ ऋषि (ज्ञान की स्थिरता के प्रतीक) |
| छंद | सुतलम् (वैदिक मापनी) |
| देवता | कूर्म देवता (भगवान विष्णु का कूर्म अवतार, जो धरती को धारण करते हैं) |
| प्रयोग (विनियोग) | आसन को पवित्र करने में |
मंत्र का सामान्य अर्थ:
हे देवी पृथ्वी! तुमने सभी लोकों को धारण किया है। तुम स्वयं भगवान विष्णु द्वारा धारण की गई हो। हे देवी, तुम मुझे (साधक को) धारण करो और इस आसन को पवित्र कर दो।



