हिंदी निबंध आरती संग्रह कथा नोट्स PDF चालीसा संग्रह ध्यान मंत्र संग्रह भागवत कथा नेपाली भागवत कथा मराठी श्रीमद्भागवत संपूर्ण स्तोत्र संग्रह व्रत कथाएं भजन संग्रह नीति शलोक संग्रह पौराणिक कथाएं पर्व त्यौहार

bhagwat puran mahatmya most famous shloka

On: September 24, 2026 4:48 PM
Follow Us:
bhagwat puran mahatmya most famous shloka

bhagwat puran mahatmya most famous shloka

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)




🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)



जयति जगति मायां यस्य कायाधवस्ते
वचन रचनमेकं केवलं चाकलय्य।
ध्रुवपदमपि यातो यत्कृपातो ध्रुवोऽयं
सकलकुशलपात्रं ब्रह्मपुत्रं नतास्मि।।
मा•1-80

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)



तपबल रचे प्रपंच विधाता तपबल विश्व सकल जग त्राता |
तपबल रुद्र करे संघारा तपबल शेष धरे महि भारा ||


श्रीमद्भागवतालापः स तु गीतः शुकादिभिः।
वेदोपनिषदां साराज्जाता भागवती कथा।
गंगाद्वार समीपे तू तटमानन्दनामकम्।


तत्रैव गगां यमुना त्रिवेणी गोदावरी सिन्धु सरस्वती च।
वसन्ति सर्वाणि तीर्थानि तत्र यत्राच्युतो दार कथा प्रसंगः।।

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


सदा सेव्या सदा सेव्या श्रीमद्भागवती कथा।
यस्याः श्रवणमात्रेण हरिश्चित्तं समाश्रयेत्।।
मा•3-25

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


न चेन्द्रस्य सुखं किंचिन्न सुखं चक्रवर्तिनः।
सुखमस्ति विरक्तस्य मुनेरेकान्तजीविनः।।
मा•4-75

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


इंद्र कहे चतुरानन सुखी है चतुरानन कहे सुख शिव को भारी
तुलसी जी जान बिचारी कहे हरि भजन बिना सब जीव दुखारी ||


कोई तन दुखी कोई मन दुखी कोई धन बिन रहत उदास |
थोड़े थोड़े सब दुखी सुखी राम के दास ||


देहेस्थिमांसरूधिरेऽभिमतिं त्यज त्वं
जायासुतादिषु सदा ममतां विमुञ्च।
पश्यानिशं जगदिदं क्षणभङ्गनिष्ठं
वैराग्यरागरसिको भव भक्तिनिष्ठः।।
मा•4-79

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


सुधामयं वचो यासां कामिनां रसवर्धनम्।
ह्रदयं क्षुरधाराभं प्रियः को नाम योषिताम्।।
मा•5-15

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)



धन्या भागवती वार्ता प्रेतपीडाविनाशिनी।
सप्ताहोऽपि तथा धन्यः कृष्णलोकफलप्रदः।।
मा•5-53

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)

🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)


🔁 Auto-Repeat: ON (audio बार-बार चलेगा)

Leave a Comment

error: Content is protected !!