प्रातः स्मरणीय वन्दना: pratah smaran shlok lyrics
यह प्रातः स्मरणीय वन्दना एक दिव्य भक्ति भजन है जिसमें भगवान गणेश की विघ्नहर्ता स्तुति, श्रीकृष्ण की सच्चिदानंद स्वरूप की आराधना और कृष्ण के अनंत तत्व की महिमा का गुणगान किया गया है। सुबह उठते ही इस भजन का पाठ करने से सभी कार्य निर्विघ्न सिद्ध होते हैं, त्रिविध ताप नष्ट होते हैं और भवसागर से पार लग जाता है। “गणेश कृष्ण भजन हिंदी में”, “प्रातः काल भक्ति भजन”, “वक्रतुंड महाकाय स्तोत्र लिरिक्स”, “कृष्ण वंदना भजन” जैसे लोकप्रिय सर्च टर्म्स के लिए यह भजन आदर्श है। Google पर सबसे ज्यादा खोजे जाने वाले भक्ति गीतों में शामिल – दैनिक जप के लिए पूर्ण लिरिक्स और अर्थ सहित।
प्रातः स्मरणीय वन्दना: pratah smaran shlok lyrics
प्रातः स्मरणीय वन्दना
१. गणेश वन्दना
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभः।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व कार्येषु सर्वदा॥
२. कृष्ण वन्दना
सच्चिदानन्दरूपाय विश्वोत्पत्त्यादिहेतवे।
तापत्रयविनाशाय श्रीकृष्णाय वयं नमः॥
ध्येयं सदा परिभवघ्नमभीष्टदोहम्,
तीर्थास्पदं शिवविरिञ्चिनुतं शरण्यम्।
भृत्यार्तिहं प्रणतपाल भवाब्धिपोतम्,
वन्दे महापुरुष ते चरणारविन्दम्॥
३. कृष्ण तत्व स्तुति
वंशीविभूषितकरान्नवनीरदाभात्,
पीताम्बरादरुणबिम्बफलाधरोष्ठात्।
पूर्णेन्दुसुन्दरमुखादरविन्दनेत्रात्,
कृष्णात्परं किमपि तत्वमहं न जाने॥
प्रातः स्मरणीय वन्दना: pratah smaran shlok lyrics
Pratah Smaranīya Vandana
1. Ganesh Vandana
Vakratunda mahākāya sūryakoṭi samaprabhaḥ.
Nirviṣhṇaṁ kuru me deva sarva kāryeṣhu sarvadā॥
2. Krishna Vandana
Sachchidānandarūpāya viśvotpattādihetave.
Tāpatrayavināśāya śrīkṛṣṇāya vayaṁ namaḥ॥
Dhyeyaṁ sadā paribhavaghnamabhiṣṭadoham,
Tīrthāspadaṁ śivaviriñchinutaṁ śaraṇyam.
Bhṛtyārtihaṁ praṇatapāla bhavābdhipotam,
Vande mahāpuruṣa te charaṇāravindam॥
3. Krishna Tatva Stuti
Vaṁśhībibhūṣhitakarānnavanīradābhāt,
Pītāmbarādaruṇabimbaphalādharoṣṭhāt.
Pūrṇendusuṁdar mukhād aravindanetrāt,
Kṛṣṇāt paraṁ kimapi tatvamahaṁ na jāne॥
प्रातः स्मरणीय वन्दना: pratah smaran shlok lyrics





