सनातन धर्म पर कविता sanatan dharma kavita- रामराज्य का शंखनाद

सनातन धर्म पर कविता sanatan dharma kavita- रामराज्य का शंखनाद

रामराज्य का शंखनाद – ( एक अद्भुत जीवन्त कविता )

जिस दिन हिंदुत्व का परचम उस अम्बर पर लहराएगा
उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

जिस दिन बदला लिया जाएगा चन्दन की कुर्बानी का
हर नारी में रूप दिखेगा झांसी वाली रानी का.
रंग भंग हो जाएगा जब जयचंदो की मेहमानी का
इस पल डंका बज जाएगा हिंदुत्व की अगवानी का.

भारत का बच्चा बच्चा जिस दिन पुरुषार्थ दिखाएगा

उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

सत्ता के गलियारों में जब नहीं होंगे भ्रष्टाचारी
संविधान से सजे प्रशासन लेकर सब जिम्मेदारी.
रहें सजग सब नौकरपेशा जितने अफसर सरकारी
रिश्वत का जब नाम मिटेगा फैलेगी ईमानदारी.

बिना खौफ के न्यायालय जब अपना न्याय सुनाएगा

उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

जातिपात का भेद मिटे मानवता को अपना लो तुम
लड़ना है तो लड़ो सत्य पर अपना धर्म बचा लो तुम.
राम कृष्ण राणा प्रताप का वह स्वाभिमान दिखा दो तुम
बिखर रहा है देश तुम्हारा अब अधिकार जमा लो तुम.

धरती का रज रज कण कण जब भगवा युक्त दिखाएगा
उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

धर्म के ठेकेदार जहां पर नहीं पाखण्ड मचाएंगे
अन्धविश्वास आडम्बर हिंसा अवगुण दूर भगाएंगे.
रूढ़िवादी मानसिकता से जिस दिन आजादी पाएंगे
हरजन जब हरिजन बनकर ईश्वर की कथा को गाएंगे.

तो विष्णु का बुद्ध रूप फिर धरती पर प्रकटाएगा

उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

अभी देख लो जातिवाद का असर भयंकर बोल रहा
इसीलिए ध्वज हिंदुत्व का कमजोरी में डोल रहा.
हर मानव मानवता को ही तलवारों पर तौल रहा
उन्हें खदेड़ो जो इस समाज में जहर जाती का घोल रहा.

जब धरती का हर सनातनी मिलकर एकजुट हो पाएगा

उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

अंदर से कमजोर हुआ जो हिन्दू धर्म हमारा जो
रक्तपात हो रहा बहुत अब कहां गया भाईचारा वो ?
हम बैठे उन्हें मित्र समझ पर है हर दल हत्यारा वो
जहां भी मिले अकेला हिन्दू मारा गया बेचारा वो .

आने वाली पीढ़ी को सच्चा इतिहास सुनाएगा
उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

कहां खो गया जमीर तुम्हारा तुम्हे शर्म नहीं आती है
आओ बचाओ पुत्र हमें भारत माता चिल्लाती है.
संकट में है सत्य सनातन व्यथा साफ दिखलाती है
फिर शूरों की संतानों क्यों नहीं हथियार उठाती हैं ?

जब हिन्दू आगे बढ़कर दुश्मन का गर्व मिटाएगा
उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

रचनाकार –
नए भारत का उद्घोष करने वाले क्रांतिकारी , भागवताचार्य , हिन्दी रत्न , युवा नेतृत्व –
आर्यपुत्र आर्यन जी महाराज
फोन – 9720299285

सनातन धर्म पर कविता
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सनातन धर्म पर कविता sanatan dharma kavita- रामराज्य का शंखनाद

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