bhagwat mahatmya

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bhagwat mahatmya Part-7 फिर आगे आत्मदेवजी पुनः कहते हैं- पुत्रादिसुखहीनोऽयं सन्यासः शुष्क एव हि । गृहस्थ: सरसो लोकेपुत्रपौत्रसमन्वितः ।। श्रीमद्भा०मा० ४ / …

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श्रीमद् भागवत महापुराण सम्पूर्ण हिंदी अर्थ सहित

bhagwat mahatmya

श्रीमद् भागवत महापुराण सम्पूर्ण हिंदी अर्थ सहित Part-5 वृथा खेदयसे बाले अहो चिन्तातुराकथम्, श्रीकृष्णचराणाम्भोजं स्मर दुःखम् गमिष्यति ।। ( श्रीमद् भा० मा० …

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भागवत कथा नोट्स bhagwat katha notes

bhagwat mahatmya

भागवत कथा नोट्स bhagwat katha notes Part-3 यं प्रव्रजन्तमनुपेतमपेतकृत्यं द्वैपायनो विरहकातर आजुहाव । पुत्रेति तन्मयतया तरवोऽभिनेदु स्तं सर्वभूतहृदयं मुनिमानतोऽस्मि ।। श्रीमद्भा० मा० …

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shrimad bhagwat katha hindi mein श्रीमद् भागवत कथा हिंदी में

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shrimad bhagwat katha hindi mein श्रीमद् भागवत कथा हिंदी में Part-2 आगे महापुराण शब्द का अर्थ होता है कि “महा” माने सभी …

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